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Published On:29 October 2010
Posted by Indian Muslim Observer

प्रधानमंत्री ने कहा इसलामिक बैंक से सीख ले रिजर्व बैंक

इस्लामिक बैंकिंग का जादो सर चढ़ के बोला

एजेंसी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि रिजर्व बैंक को मलयेशिया में इसलामिक बैंकिंग व्यवस्था से सीख लेनी चाहिए। रिजर्व बैंक पर भारत में इस तरह की व्यवस्था शुरू करने का दबाव है। मालूम हो कि इसलामिक बैंकिंग ब्याज मुक्त बैंकिंग व्यवस्था है। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत मलयेशिया में इसलामिक बैंकिंग से कुछ सीख लेना चाहेगा मनमोहन ने कहा, इसलामिक बैंकिंग के प्रयोग को लेकर समय-समय पर मांग उठती रही है। मैं निश्चित तौर पर रिजर्व बैंक से सिफारिश करूंगा कि मलयेशिया में इस संबंध में क्या हो रहा है, वह इस पर नजर डाले। मलयेशिया के दौरे पर कुआलालंपुर पहुंचे मनमोहन ने इससे पहले मलयेशियाई प्रधानमंत्री मोहम्मद नजीब तुन अब्दुल रज्जाक के साथ आर्थिक एवं रणनीतिक मामलों पर विस्तृत बातचीत की।

इसलामिक बैंकिंग एक तरह की ब्याज मुक्त बैंकिंग व्यवस्था है और देश में इसलामिक बैंकिंग की अनुमति से मध्य पूर्व के देशों से अरबों डालर का निवेश आ सकता है। इस समय दुनिया भर में करीब 400 से 500 इसलामिक बैंकों द्वारा 1,000 अरब डॉलर की परिसंपत्तियों का प्रबंधन किया जा रहा है और 2020 तक यह आंकड़ा 4,000 अरब डालर पहुंचने का अनुमान है। हाल ही में मध्य पूर्व के एसएनआर डेंटॉन ऐंड कंपनी के पार्टनर और इसलामिक फाइनेंस के प्रमुख एम सिद्दीकी ने भारत सरकार से पायलट योजना के आधार पर ब्याज मुक्त बैंकिंग व्यवस्था शुरू करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि इस मसले पर हम रिजर्व बैंक के अधिकारियों के संपर्क में हैं।

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